Pariyojana In Hindi | परियोजना का कार्य एवं उद्देश्य परिभाषाएँ

परियोजना परिचय (Introduction of Pariyojana) : नये उपक्रम की स्थापना की योजना (Yojna) बनाना उद्यमी का एक महत्त्वपूर्ण कार्य हैं। उद्यमी अपनी तकनीकी योग्यता, कल्पना शक्ति, दूरदर्शिता, अवबोधन, अवलोकन, सृजनशीलता के आधार पर किसी नवीन परियोजना की कल्पना करता है तथा विभिन्न पहलुओं पर विचार करते हुए उसकी एक निर्धारित योजना बनाता है। उद्यमी Pariyojana की सफलता की सभी सम्भावनाओं पर पर्याप्त सोच-विचार एवं छानबीन करता है। वह परियोजना की व्यवहार्यता की जाँच परख करने के बाद ही उसे अन्तिम रूप प्रदान करता है तथा उसे नियोजित ढंग से प्रारम्भ करता है।

Pariyojana In Hindi
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परियोजना का अर्थ (Pariyojana Meaning In Hindi)

Meaning of a Pariyojana: परियोजना से तात्पर्य पूँजी-विनियोजन के किसी भी ऐसे अवसर से है जिसमें लाभोपार्जन की सम्भावनायें स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती हैं। परियोजना उद्यमी के लिए नवीन विनियोग का एक अवसर है, जिसमें लाभ की सम्भावनाओं का पूर्व मूल्यांकन कर लिया जाता है। यदि परियोजना से प्राप्त होने वाली आय का अनुमान उसकी सम्भावित लागत से अधिक होता है, तो निश्चित ही ऐसी लाभप्रद परियोजना पर कार्य करने का निर्णय लिया जा सकता है। किन्तु यदि अनुमानित लागत सम्भावित आय से अधिक है, तो फिर ऐसी परियोजना के क्रियान्वयन का विचार त्याग दिया जाता है।

किसी परियोजना की अनुमानित लागत एवं सम्भावित आय की तुलनात्मक समीक्षा करके इसे प्रारम्भ करने या न करने का निर्णय लने की प्रक्रिया को ‘परियोजना-नियोजन’ कहा जाता है। परियोजना नियोजन की प्रक्रिया में परियोजना की विचारोत्पत्ति से लेकर उसे क्रियान्वित करने तक के सभी कार्य एवं उपाय सम्मिलित किये जाते हैं, जैसे-विचार की खोज, प्रारम्भिक जाँच, तथ्यों व सूचनाओं का संकलन, व्यवहार्यता की जाँच, विनियोग निर्णय, क्रियान्वयन एवं संचालन आदि। परियोजनाएँ दो प्रकार की हो सकती हैं-प्रथम किसी विद्यमान व्यवसाय के लिए परियोजना तथा द्वितीय, किसी नवीन व्यवसाय की स्थापना के लिए परियोजना।

परियोजना नियोजन (Project Planning)

(अ) विद्यमान व्यवसाय के लिए परियोजना नियोजन (Project Planning for an Existing Business) -इस प्रकार का नियोजन किसी विद्यमान अथवा कार्यशील उपक्रम द्वारा अपने विकास का विस्तार के लिए किया जाता है, जिसका सम्बन्ध वर्तमान उत्पादन क्षमता में वृद्धि करने अथवा किसी नवीन वस्तु या सेवा का उत्पादन करने से हो सकता है। विद्यमान उपक्रम द्वारा परियोजना नियोजन करने का उद्देश्य किसी नवीन उत्पादन प्रक्रिया को अपनाने, प्रतियोगिता क्षमता में वृद्धि करने अथवा संगठन तथा पूँजी ढाँचे में परिवर्तन करने सम्बन्धी हो सकता है।

(ब) एक नवीन उपक्रम की स्थापना के लिए परियोजना नियोजन (Project Planning for Promoting a New Undertaking) -जब किसी नये उपक्रम की स्थापना हेतु नियोजन किया जाता है तो सर्वथा नवीन कल्पना एवं सम्भावनाओं के आधार पर कार्य करना होता है। ऐसे नियोजन में पहले से कोई अनुभव, तथ्य अथवा सूचनायें उपलब्ध नहीं होती है। अतः उसी क्षेत्र में पहले से कार्यरत उपक्रमों में उपलब्ध सूचनाओं को आधार मानकर कार्य करना होता है। इसमें विभिन्न विशेषज्ञों के परामर्श की आवश्यकता भी होती है।

Definitions of Pariyojana (परियोजना की परिभाषाएँ)

परियोजना की कुछ प्रमुख परिभाषाएँ निम्नलिखित हैं

(1) 20वीं शताब्दी के वेब्सटर के नये शब्दकोश (Webster’ s New 20th Century Disctionary) के अनुसार, “परियोजना किसी कार्य को करने की व्यवस्था, योजना, युक्ति, अभिकल्पना अथवा प्रस्ताव है।”

(2) डेविड क्लिफटन एवं फिफे (David Clifton and Fyffe) के अनुसार, ” परियोजना का तात्पर्य किसी नवीन उद्यम की स्थापना करना अथवा वर्तमान उत्पाद-मिश्रण में किसी नवीन वस्तु को जोड़ना होता है। एक परियोजना एक मशीन अथवा एक पूर्ण संयंन्त्र से सम्बन्धित हो सकती है। ‘ 1

(3) लिटिल एवं मिररली (Little and Mirlee) के अनुसार, ” परियोजना संसाधनों के विनियोजन के लिये बनायी गयी योजना है, जिसका एक महत्त्वपूर्ण इकाई के रूप में उचित रूप में विश्लेषण एवं मूल्यांकन किया जा सकता है।

(4) प्रबंध एनसाइक्लोपीडिया (Management Encyclopaedia) के अनुसार, “परियोजना एक संगठित इकाई है जो लक्ष्य की प्राप्ति हेतु समर्पित है। एक विकासशील परियोजना को समय में, बजट के अन्दर तथा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम की विशेषताओं के अनुरूप सफलतापूर्वक सम्पूर्ण किया जाता है।” अतः सामान्य शब्दों में कह सकते हैं कि

“” परियोजना प्रतिवेदन किसी फर्म अथवा उद्यमी के द्वारा आरम्भ की जाने वाली परियोजना की विभिन्न क्रियाओं तथा उनकी तकनीकी वित्तीय, वाणिज्यिक एवं सामाजिक व्यवहार्यताओं का एक लिखित लेखा है। ” परियोजना वैज्ञानिक आधार पर तैयार की गई कार्ययोजना है जिसे विशिष्ट अवधि में विशेष उद्देश्य को पाने के लिये तैयार किया जाता है।

Pariyojana प्रस्ताव की विशेषताएँ (Characteristics of Project Proposal)

परियोजना प्रस्ताव की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं

  1. उद्देश्य (Objectives) -प्रत्येक परियोजना के निर्धारित उद्देश्य होते हैं। जैसे ही उद्देश्य अथवा उद्देश्यों की प्राप्ति हो जाती हैं, परियोजना समाप्त हो जाती है।
  2. जीवन काल (Life Span) प्रत्येक परियोजना का एक निश्चित जीवन काल होता है। निर्धारित कार्य पूरा हो जाने पर परियोजना का भी समापन हो जाता है।
  3. विभिन्नता में एकता (Unity in Diversity) -परियोजना में विभिन्नता में एकता पायी जाती है। इसका कारण यह है कि इसमें जटिलताओं की भरमार होती है, जैसे-टैक्नोलॉजी, यन्त्र, सामग्री, श्रम, कार्य, संस्कृति की जटिलताएँ।
  4. जोखिम तत्व (Element of Risk) -प्रत्येक परियोजना में जोखिम का तत्व विद्यमान होता है। यह जोखिम का तत्व अलग-अलग परियोजना में अलग-अलग होता है। उदाहरण के लिये, यदि परियोजना के उद्देश्यों को स्पष्ट रूप में परिभाषित नहीं किया गया है तो जोखिम का तत्व अधिक होगा।
  5. आदेशानुसार तैयार करना (Made to Order) -प्रत्येक परियोजना को ग्राहकों की आवश्यकताओं अनुसार तैयार किया जाता है। के
  6. परिवर्तन (Change) -परिवर्तन जीवन का नियम है। यह बात परियोजना पर शत-प्रतिशत लागू होती है। एक परियोजना को अपने जीवन काल में विभिन्न परिवर्तनों में से होकर गुजरना पड़ता है।
  7. अनिश्चितता (Uncertainity) -परियोजना में अनिश्चितता का पर्यावरण होता है। एक परियोजना के जीवनकाल में कब और कौनसी अनिश्चितता विद्यमान हो जाए, इसका किसी भी स्तर पर पता नहीं लगता।

परियोजना का वर्गीकरण (Classification of Pariyojana)

Pariyojana का वर्गीकरण निम्न प्रकार से भी किया जा सकता है-

  1. विकास परियोजनाएँ (Expansion Projects) -इसके अन्तर्गत नवीन उत्पादक इकाइयों की स्थापना, नवीन वस्तुओं का उत्पादन, उत्पादन क्षमता में वृद्धि आदि परियोजनाएँ शामिल की जाती हैं।
  2. विस्तार परियोजनाएँ (Extension Projects) -इनमें उत्पादित वस्तुओं के बाज़ार क्षेत्र के विस्तार की योजनाएँ सम्मिलित की जाती हैं।
  3. नये रों का सर्वेक्षण (Market Surveys) , विक्रय एवं विज्ञापन, विदेशी बाजारों में विक्रय की सम्भावना आदि से सम्बन्धित परियोजनाएँ इसी श्रेणी में आती है।
  4. पुनर्स्थापन परियोजनाएँ (Keplacement Projects) -इस श्रेणी में पुरानी मशीनों एवं संयन्त्रों के स्थान पर नवीन संयन्त्रों एवं मशीनों की स्थापना से सम्बन्धित परियोजनाओं को सम्मिलित किया जाता है।
  5. सुधार परियोजनाएँ (Improvement Projects) -इसके अन्तर्गत आधुनिकीकरण, नवीन उत्पादन प्रक्रिया, विवेकीकरण, स्वचालित संयन्त्रों की स्थापना आदि से सम्बन्धित परियोजनाओं को सम्मिलित किया जाता है।
  6. शोध एवं विकास परियोजनाएँ (Research and Development Projects) -कुछ ऐसी उद्योग जिसमें अधिकतर एवं शीघ्रता से तकनीकियों में परिवर्तन होते रहते हैं उन उद्योगों के लिए इस तरह की शोध एवं विकास परियोजनाएँ बेहतर साबित होती है। इस तरह की परियोजनाओं में अधिक मात्रा में धन विनियोग करना पड़ता है और यदि इनके उपकरणों में धन अधिक लगने की स्थिति में इन प्रस्तावों को प्राय: पूँजी बजट में सम्मिलित कर लिया जाता है।
  7. विविधीकरण परियोजनाएँ (Diversification Projects) -कोई उपक्रम जो अपनी जोखिम कम करना चाहता है तो वह एक ही बाज़ार में अपने उत्पादों को न देकर विभिन्न बाजारों में अपना कार्य प्रारम्भ करना है। ऐसी स्थिति में नये उत्पादों हेतु अत्यधिक पूँजी की आवश्यकता होती है इस हेतु जो परियोजनाएँ शुरू की जाती है, वह विविधीकरण परियोजना कहलाती है।

इनमें ऐसी परियोजना भी शामिल है जिसके अन्तर्गत एक उपक्रम उन परियोजना में विनियोग करता है जिसमें लाभ कमाने का सीधा सम्बन्ध नहीं होता है जैसे-एक उपक्रम वैधानिक आवश्यकताओं के कारण प्रदूषण नियन्त्रण उपकरण लगाने हेतु परियोजना बनाता है।

Classification of Pariyojana

  1. औद्योगिक परियोजनाएँ (Industrial Projects) -धन कमाने के उद्देश्य से जो उद्योग स्थापित किए जाते हैं जिनका समाज सेवा व कल्याण आदि अन्य उद्देश्यों में आते और मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना होता है उसे औद्योगिक परियोजनाएँ कहा जाता है।
  2. ढाँचागत परियोजनाएँ (Structural Projects) -ऐसी परियोजनाएँ जो देश में ढाँचागत सुविधाएँ प्रदान करने हेतु शुरू की जाती है और जिनमें प्राय: बहुत अधिक निवेश की आवश्यकताएँ होती है, ये मुख्य रूप से ऊर्जा, सड़क, दूरसंचार एवं बन्दरगाह से सम्बद्ध होती है एवं उत्पाद निर्माण व सेवाओं से भिन्न होती है, उन्हें ढाँचागत परियोजनाएँ कहा जाता है।
  3. गैर औद्योगिक परियोजनाएँ (Non-Industrial Projects) -ऐसी परियोजनाएँ जिनका मुख्य उद्देश्य सामाजिक सेवा व कल्याण भावना होती है और लाभ प्राप्त करना गौण या सहायक उद्देश्य होता है, जैसे-स्वास्थ्य देखभाल परियोजनाएँ, शैक्षणिक परियोजनाएँ, खिंचाई परियोजनाएँ एवं कृषि विकास परियोजनाएँ। ये परियोजनाएँ गैर-औद्योगिक परियोजनाएँ कहलाती है।
  4. प्रौद्योगिकी आधारित परियोजनाएँ (Technology Based Projects) -तकनीकी अथवा प्रौद्योगिकी आधार पर परियोजनाएँ उच्च प्रौद्योगिकी, पारम्परिक प्रौद्योगिकी एवं निम्न प्रौद्योगिकी परियोजना में विभाजित की जा सकती है। उच्च प्रौद्योगिकी के अन्तर्गत अन्तरिक्ष, आण्विक शक्ति एवं परिष्कृत इलेक्ट्रॉनिक्स परियोजनाओं शामिल होती है जबकि पारम्परिक अथवा ज्ञात प्रौद्योगिकी के अन्तर्गत स्टील, चीनी, सीमेण्ट एवं केमिकल्स आदि शामिल होते हैं। दिन्न प्रौद्योगिकी के अन्तर्गत दैनिक उपयोग के उत्पाद जैसे-साबुन, डिटर्जेन्ट्स, तेल आदि शामिल किए जाते हैं।

निष्कर्ष:

ऊपर दिए गए कंटेंट के माध्यम से आपने परियोजना इन हिन्दी (Pariyojana In Hindi) जानकारी पढ़ी। आशा है आपको ऊपर दी गई जानकारी जरूर अच्छी लगी होगी। आर्टिकल पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

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